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tulsi atulya seva sansthan introduction

परिचय

तुलसी अतुल्य सेवा संस्थान की स्थापना इस उद्देश्य के साथ की गई ताकि समाज में फैली हुई सभी प्रकार की बुराइयों को दूर किया जा सके। लोगों को जागरुक बनाया जा सके तथा यथा संभव उनकी सहायता की जा सके। इस संस्था के माध्यम से समाज में फैली हुई बुराइयों को लेकर लोगों को सचेत किया जाता है, उसके दुष्परिणामों के बारे में उनको समझाया जाता है, समय-समय पर गांव व कस्बों में जाकर रैलियाँ की जाती हैं, जुलूस निकाले जाते हैं एवं नुक्कड़ नाटक की भी व्यवस्था की जाती है। प्रत्येक गति विधि में इस बात का विशेष रुप से ध्यान रखा जाता है की अधिक से अधिक लोगों को इसके साथ जोड़ा जा सके, संस्था का उद्देश्य लोगों में प्रचारित किया जाए तथा संस्था के साथ जुड़ने के लिए उनको प्रोत्साहित किया जाए। संस्था की स्थापना सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 21, 1860 के आधीन 12 अगस्त, 2016 को किया गया। संस्था का पता ग्राम- केसठ (दक्षिण डेरा), पोस्ट- केसठ, थाना- नवानगर, ज़िला- बक्सर, पिनकोड- 802125, राज्य- बिहार, राष्ट्र- भारत में है।
tulsi atulya seva sansthan mission

उद्देश्य

1. यह संस्था प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन कर लोगों के बौद्धिक विकास में मदद करेगी तथा आवासीय विद्यालय, दूरस्थ शिक्षा, अध्ययन केंद्र, महाविद्यालय, पूर्ण शिक्षा, सर्वशिक्षा, पुस्तकालय, वाचनालय, पठन-पाठन कक्ष, छात्रावास, अनौपचारिक शिक्षा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यालय, मूक एवं बधिर विकलांग विद्यालय का संचालन करना तथा गरीब असहाय, विकलांग, अल्पसंख्यक छात्र एवं छात्राओं को हर संभव आर्थिक सहायता देकर आगे बढ़ने में मदद करना। 2. शिक्षित बेरोजगार युवक युवतियों को स्वावलम्बी बनाने हेतु टंकणकला, आशुलिपि, कंप्यूटर, मोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं अन्य तकनीकी एवं गैर तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान का संचालन करना। 3. संस्था द्वारा समाज के असहाय, महिलाओं, दलित-पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों, आदिवासियों, अनाथों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करना। सम्पूर्ण विवरण हेतू क्लिक करें→
tulsi atulya seva sansthan vision

दृष्टिकोण

संस्था का दृष्टिकोण मुख्यतः सामाजिक कल्याण एवं पर्यावरण सुरक्षा से पूर्ण रुप से संबंधित है। बिना पर्यावरण के कोई भी समाज न तो निर्मित हो सकता है और न ही उसका विकास संभव है अतः मानव कल्याण के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा एवं उसका निरंतर विकास आवश्यक है। पर्यावरण की सुरक्षा में मुख्यत: नदियों को प्रदूषण से बचाना, पीने योग्य पानी का दुरुपयोग न करना, वृक्षों को अनावश्यक रुप से काटे जाने से रोकना तथा आवश्यकता पड़ने पर यदि काटना ही पड़े तो उसके स्थान पर नए वृक्षों का रोपण करना। वायु को प्रदूषित होने से रोकने के लिए वाहन, ईंट के भट्ठे तथा अन्य फैक्ट्रियों को इसके दुष्परिणाम से अवगत करवाना साथ ही प्लास्टिक को जलाए जाने से उससे उत्पन्न होने वाली विषैली गैसों के नुकसान और उसका स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करके उन्हें ऐसा करने से रोकना। गांव-गांव में जाकर पैदा होने वाले शिशुओं को बिमारियों से बचाने के लिए उन्होंने पोलियो ड्राप पिलाने के लिए सचेत करना तथा अन्य बिमारियों के टीका लगवाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना।
tulsi atulya seva sansthan strategy

रणनीति

किसी भी मिशन को सफल बनाने के लिए उसमें लोगों की सहभागिता बहुत ही आवश्यक है अतः लोगों को संस्था द्वारा चलाए जा रहे किसी भी कार्यक्रम व क्रियाकलाप में सम्मिलित करने के लिए गांव गांव में जाकर उन्हें संस्था के क्रियाकलापों के बारे में पंपलेट बाँटना तथा लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट के साथ समय-समय पर नुक्कड़ नाटक की व्यवस्था से लोगों में सक्रियता बढ़ती है। प्रत्येक योजना का उद्देश्य मात्र यही होता है ताकि हर मनुष्य एक खुश हाल जीवन जी कर देश एवं समाज के कल्याण तथा विकास में अपनी सहभागिता दे सके। नव युवकों को जो कि समाज का भविष्य होते हैं उन्हें भविष्य की दूरगामी संभावनाओं के बारे में अवगत करवाकर नये-नये विचार एवं नई-नई गतिविधियों का निर्माण कर के संस्था को गांव, कस्बे तथा ज़िला स्तर पर सक्रिय बनाए रखना। इसके साथ ही बुजुर्गों का अनुभव, उनका ज्ञान तथा नव युवकों को सही दिशा पर चलने के लिए सही सलाह भी आवश्यक हैं। महिलाओं की सहभागिता भी अति आवश्यक है क्योंकि कोई भी समाज महिलाओं के सहयोग के बिना अपनी किसी भी नीति को लागू कर सकने में सक्षम नहीं हो सकता।
Kunwar Bheem Singh

महत्वपूर्ण कार्य


मूल्यपरक शिक्षा हेतू विशेष अभियान
महिला सशक्तिकरण हेतू अभियान
नशा मुक्ति अभियान
गरीबी उन्मूलन अभियान
छात्रों हेतू प्रतिभा संवर्धन अभियान
जन जागरूकता अभियान
मतदाता जागरूकता अभियान
सफाई अभियान
वृक्षारोपण अभियान
गाय बचाओं अभियान
खेलकूद अभियान
tulsi atuly sewa sansthan

आवाहन

"प्रतिभा संवर्धन प्रतियोगिता परिक्षा"- मार्च 2018
"जल बचाओ, जीवन पाओ अभियान"- अप्रैल 2018
"गरीबी उन्मूलन अभियान"- मई 2018
"आओ अनाथ को जीवन दें"- जून 2018
"टीका लगवाओ, रोग भगाओ"- जुलाई 2018
"गाय बचाओ, दूध पाओ"- अगस्त 2018
"वृक्ष लगाओ, भविष्य बचाओ"- सितम्बर 2018
"सब पढ़ो, सब बढ़ो"- अक्टूबर 2018
"तुलसी मैराथन चैम्पियनशिप "- नवम्बर 2018
"कम्बल वितरण समारोह"- दिसम्बर 2018
tulsi atuly sewa sansthan

पुरस्कार


विजन एवार्ड

साल 2015 में संस्था के संस्थापक कुँवर भीम को अंडमान निकोबार में उनके द्वारा नि:स्वार्थ रूप से किये गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पोर्टब्लेयर की स्थानीय संस्था द्वारा समाजसेवी माननीय जगजीवन जी के अगुवाई में एवं वहां के गणमान्य लोगों द्वारा विजन एवार्ड 2015 से सम्मानित किया गया।

पोर्टब्लेयर गोल्डेन एवार्ड

संस्था के संस्थापक कुँवर भीम सिंह जी के द्वारा पोर्टब्लेयर के स्थानीय लोगों में जागरूकता का प्रचार प्रसार करने एवं वहां के अंतिम जन के उन्नयन के लिए किए गए सार्थक प्रयास हेतू वहां के मशहूर डॉक्टर श्री वेंकटेश राव द्वारा स्थानीय समाज सेवी संस्था के तत्वाधीन में पोर्टब्लेयर गोल्डेन से सम्मानित किया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में एवार्ड

शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने के लिए संस्थान द्वारा प्रस्सति पत्र एवं पुरस्कार से नवाजा गया।संजय उपाध्यायकेसठ, बक्सर

स्वच्छता के क्षेत्र में एवार्ड

स्वच्छता के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर अपना योगदान देने के लिए तथा लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक बनाने हेतू संस्थान द्वारा प्रस्सति पत्र एवं पुरस्कार से नवाजा गया।संतोष कुमार उपाध्यायकेसठ, बक्सर

किसानों की सहायता हेतू एवार्ड

संस्थान द्वारा आयोजित सभी प्रकार के किसानों को सहायता तथा उनको एक अच्छी खेती करने का सुझाव देने के लिए प्रसस्ती पत्र एवं पुरस्कार से नवाजा गया।सुनील कुमार दत्तकेसठ, बक्सर
tulsi atuly sewa sansthan

संस्थापक

बिहार प्रांत के बक्सर जनपद के एक छोटे से कस्बे "केसठ" में जन्में "कुँवर भीम सिंह" बचपन से ही अपनी दूरदर्शिता से अपने गाँव और आस-पास के समाज में कुछ मूलभूत परिवर्तन लाकर एक नई दिशा प्रदान करना चाहते थे। जिसके कारण समय मिलन पर वह स्वयं लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे। बचपन में पढ़ाई के वक्त अपने गरीब और कमजोर सहपाठियों को अपने हिस्से की पाठ्य सामग्री दे देते ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न हो। गाँव के बच्चों तथा उनके माता पिता को शिक्षा का महत्त्व समझाकर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे। गाँव तथा दोस्तों को नशे से बचाने के लिए शराब की दुकानें बंद करवाई एवं नशे के विरुद्ध रैलियाँ और जुलूस भी निकाला। स्वच्छता के प्रति जागरूक होने से आज इनका गाँव और वहां के लोग इसके महत्त्व को जानते हैं। बहुत सालों तक व्यक्तिगत रूप से कार्य करने के बाद इनको महसूस हुआ कि समाज में फ़ैली बुराइयों को दूर करने तथा लोगों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के लिए सभी को साथ मिलकर काम करना पड़ेगा। इसी का परिणाम है कि आज हमारे बीच "तुलसी अतुल्य सेवा संस्थान" का गठन हुआ। जिसका उद्देश्य "केसठ" ही नहीं पूरे भारतवर्ष में संस्था के कार्य का प्रचार करते हुए लोगों को इस अभियान से जोड़ना है।

कार्यकारिणी समिति का गठन


1. कार्यकारिणी समिति में पदाधिकारी सहित सात सदस्य होंगे।
2. कार्यकारिणी समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का चुनाव आम सभा द्वारा किया जाएगा।
3. कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल 5 वर्षो का होगा नियमित सदस्य पुनः चुने जा सकते हैं।
4. अगर समिति में कोई पद रिक्त होगा तो उक्त पद पर समिति किसी सदस्य को मनोनीत कर सकती है लेकिन वार्षिक बैठक में उसे विधिवत चुनाव करा लेना होगा। चुने हुए पदाधिकारी एवं सदस्य अपने पद के अनुरूप कार्य करेंगे।
5. जिनका नाम, पिता/पति का नाम, पता, पेशा, पद एवं स्वहस्ताक्षरित फोटो संस्था में दिया गया है वर्तमान में कार्यकारिणी समिति के सदस्य हैं। जिन पर संस्था के नियमानुसार प्रबंध का भार सौंपा गया है। अधिक जानकारी के लिए
प्रबंधन का पृष्ठ देखें।

कार्यकारिणी समिति के अधिकार एवं कार्य


1. संस्था के चल एवं अचल संपत्ति का उत्तरदायी होगा।
2. संस्था के सभी कार्यों का संपादन विधिवत करना तथा प्रस्ताव पारित करना।
3. शाखा एवं उपशाखा का गठन करना।
4. उद्देश्य की पूर्ति हेतु अन्य वैधानिक कार्य करना

आम सभा के अधिकार एवं कर्तव्य


1. समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का निर्वाचन करना
2. संस्था के आय व्यय लेखा पर विचार कर स्वीकृति देना
3. अंकेक्षक की नियुक्ति करना
4. उद्देश्य की पूर्ति हेतु अन्य वैधानिक कार्य करना

सदस्यता अभियान


अब आपके प्रदेश में संस्था का विस्तार करने हेतू आप सभी महानुभावों के लिए एक सुनहरा मौका है।
तुलसी अतुल्य सेवा संस्थान ने अपने संकल्प के मुताबिक सेवा प्रकल्पों को आपके प्रदेश में अधिकाधिक जन तक पहुँचाने के लिए आपके प्रदेश में भी हर स्तर पर अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सचिव/संयोजक/महामंत्री आदि पदों पर योग्य समाज सेवियों का चयन करना सुनिश्चित किया है।
प्राप्त सभी आवेदनों में योग्यता को मद्देनजर रखकर संस्था इन पदों पर चुनाव करेगी।
सदस्य बनने पर पहचान पत्र (IDENTITY CARD) और संस्था के कई सारे प्रकल्पों का आप निःशुल्क लाभ उठा सकेंगे। किसी भी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्ति को प्रशस्ति पत्र (appreciation certificate) भी दिया जाएगा।
सदस्यता शुल्क निम्न है-
एक वर्षीय - 151/-
दो वर्षीय -251/-
पंच वर्षीय -351/-
अजीवन सदस्य - 551/-
इस न्युनतम राशि को संस्था के अकाउन्ट नम्बर में जमा करके अपने ड़ाक्यूमेंट (आधार कार्ड़/वोटर कार्ड./ या कोई भी पहचान पत्र) को ईमेल करके संस्था से जुड़ने का गौरव प्राप्त कर सकते हैं।
आनलाइन सदस्य बनने हेतु पंजीकरण फार्म सब्मिट करें और न्युनतम धनराशि खाते में जमा कराके हमें सूचित करें।
अकाउन्ट नं- 23530110088166
IFSC code - UCBA0002353
अकाउन्ट नाम - तुलसी अतुल्य सेवा संस्थान
बैंक - यूको
ब्रान्च - बाली, सोनवरसा
PAN no. AAFAT5136L
आप सबसे निवेदन है कि जुड़ने के लिए शीघ्र सम्पर्क करें।
(अधिक जानकारी के लिए संस्था की अाफिसियल बेवसाइट देखें।
सम्पर्क सूत्र - 7563041806 / 9933202537 / 8555025367

शुल्क जमा करें

prem.01021991@gmail.com